How to overcome stress
"तनाव" पर नियंत्रण कैसे करें ।
"स्ट्रेस " यानि तनाव हमारे शरीर द्वारा की गई प्रतिकृया है, जो अत्यधिक दबाव या धमकी के डर से उत्पन्न होती है।जब हम इन प्रकार की पपरिस्थिति को नियंत्रित नही कर पाते तब तनाव उत्पन्न होता हे।
"तनाव "के मुख्य कारण
तनाव " शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।तनाव उत्पन्न होने के अनेक कारण हैं, जैसे कि स्वास्थ्य समस्याएं, काम का दबाव, वित्तीय संकट और रिश्तों में मनमुटाव आदि। इसके अलावा व्यक्तिगत रूप से नियंत्रण की कमी तथा नकारात्मक विचारों से भी तनाव होता है।
कार्य संबंधित तनाव:
कार्य संबंधित तनाव के कारणों में मुख्यत: पसंद का काम न मिलना, काम का अत्यधिक दबाव, तकसीमा पर पूर्ण न कर पाना तथा सहकर्मियों से मतभेद आदि शामिल हैं।
वित्तीय तनाव :
वित्तीय असुरक्षा, अनावश्यक व्यय, ऋण संबंधित समस्याओं के कारण तनाव उत्पन्न होता है।
स्वास्थ्य संबंधित तनाव :
दीर्घकालिक बीमारी, चोट, शारीरिक विकलांगता तथा मानसिक आघात आदि से स्वास्थ्य संबंधित तनाव उत्पन्न होता है।
पारिवारिक तनाव :
पारिवारिक क्लेश, संबंध विच्छेद, परस्पर तालमेल का अभाव तथा असहयोग की भावना के कारण तनाव उत्पन्न होता है।
आंतरिक तनाव :
आत्म आलोचनात्मक व्यवहार भी तनाव उत्पन्न करत् है। जब कोई व्यक्ति स्वंय को किसी दुर्घटना या असफलता के लिए
दोषी समझता है, तो वह तनाव का शिकार हो सकता है।
( तनाव पर नियंत्रण कैसे करें )
तनाव धीरे - धीरे नियंत्रण करते हुए पूर्व नियंत्रण स्थापित कर लेता हे। यदि इसे उचित समय पर नियंत्रित न किया जाए, तो। यह गंभीर अवसाद में परिवर्तित हो सकता है। इसके लिए जीवनशैली में कुछ सकारात्मक बदलाव किए जाने चाहिए तथ्य किसी पेशेवर की सहायता भी ले सकते हैं।
(सकारात्मक बदलाव:)
स्वस्थ जीवनशैली:
व्यायाम मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है प्रतिदिन सैर, हल्का व्यायाम, नृत्य आदि दिनचर्या में शामिल करे। किसी भी प्रकार का व्यायाम तनाव कम करता है।
व्यायाम के साथ ही हल्का और पौष्टिक आहार लाभदायक होगा।
"तैलीय और गरिष्ठ" भोजन से दूर रहें। चाय,काफी, धूम्रपान आदि पर नियंत्रण रखें, अन्यथा स्वास्थ्य खराब होने से तनाव बढ़ सकता है। स्वास्थ्य अच्छा होने से तनाव नियंत्रित रहता है।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छी नींद और भी आवश्यक है। तनाव के कारण नींद में बाधा उत्पन्न होती है, जिससे व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो जाता है। इसके लिए नियमित दिनचर्या होनी चाहिए। अधिक टी.वी. या फोन का इस्तेमाल न करे
ध्यान लगाना, हल्का संगीत सुनना , बागवानी करना लाभदायक होता है।
तनाव से ग्रस्त व्यक्ति के मन में तरह-तरह के विचार आते रहते हैं,
जिस कारण भावनात्मक स्तर कमजोर हो जाता है और व्यक्ति गलत कदम उठा सकता है। इस परिस्थिति में योग, ध्यान तथा गहरी सांस सांसों का अभ्यास अत्यधिक लाभदायक ह।
व्यक्तिवग व सामाजिक व्यवहार :
तनाव पर नियंत्रण करने के लिए व्यक्तिगत व सामाजिक व्यवहार पर भी ध्यान देना आवश्यक है। यदि आप अतिरिक्त कार्य या जिम्मेदारी लेने में असमर्थ है, तो ना कहना सीखिए। अपने शौक व रुचियों का भी ध्यान रखें। समय निकाल कर घूमने जाएं।
मन की परेशानियों को परिजनो व मित्रों से साझा करे। सामाजिक मेलजोल बढांए तथा सामाजिक व पारिवारिक कार्यक्रम में भी शामिल होने का प्रयास करें।
आसपास के लोगों से स्वस्थ रिश्ता बनाकर रखें। झगड़ फसाद आदि से दूर रहें। मतभेद होने पर नियंत्रण रखें व गरिमा बनाए रखें। संभव हो तो वहां से दूर चले जाएं। आसपास होने वाली खुशी व गम में शामिल होने का प्रयास करें।संभव हो तो मदद भी करें।
इसके अतिरिक्त यदि संभव हो तो, गरीब, असहाय लोगों की मदद करके तथा पशु - पक्षियों के लिए भोजन, पानी का प्रबंध करने से मन को शांति मिलती है,जिस कारण तनाव कम होता है। इस तरह के कार्य गहरे दुख और तनाव से उभरने में सहायक सिद्ध होते हैं।

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